इस्तकवाल
हसरतों की जद्दो-जहद में
अब तक गुजरा है जिंदगी का पल-पल
अब तक गुजरा है जिंदगी का पल-पल
शब के आगोश में था डगर
अब नए सहर का इस्तकवाल करेंगे
सवालों के सरो-साये में
अब तक ठहरा है जिंदगी का सिलसिला
धुप के पानाह में था रहवर
अब नए सफ़र का इस्तकवाल करेंगे
फ़लक की दरो-दीवार में
अब तक सँवरा है जिन्दगी का महल
अब नए सहर का इस्तकवाल करेंगे
सवालों के सरो-साये में
अब तक ठहरा है जिंदगी का सिलसिला
धुप के पानाह में था रहवर
अब नए सफ़र का इस्तकवाल करेंगे
फ़लक की दरो-दीवार में
अब तक सँवरा है जिन्दगी का महल
सराब के साये में था नज़र
अब नए मंजर का इस्तकवाल करेंगे
अब नए मंजर का इस्तकवाल करेंगे
ज़माने की रश्मों रिवायत में
अब तक बिखरी है ज़िन्दगी का ग़ज़ल
संगदिल के हाथों में था खंज़र
अब नए एतवार का इस्तकवाल करेंगे
शराबों की बूँद-ओ -बूँद में
अब तक उभरा है जिंदगी का कातिल
साकी के प्यालों में था ज़हर
अब नए नूर का इस्तकवाल करेंगे
अगस्त २००६ में रचित
arey wah hidden talent.. :)
जवाब देंहटाएंnice collection.
tum kaho to toofano ko apna dushman bana lu mai, tum kaho to angaaro ko apne seene se laga lu mai.......bas meri ek shart maan lo tum, chaand mere paas hona chahiye !
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