ये जश्ने आज़ादी है ये ईदे आज़ादी है
अमृतकाल में झूमता हिन्दे आबादी है
अमृतकाल में झूमता हिन्दे आबादी है
जन गण मन गा रहा सारा जमाना है
आँखों में उम्मीदें है राहें नौ ईरादी है
गंगा यमुनी माटी की ये नई फसल है
फितरत में जुनून है सीना फौलादी हैं
केशरिया ईमान है अरमां में सादगी है
हरे भरे चमन की खुशबू बेमियादी है
लहरा रहा मुल्क में घर घर में तिरंगा है
दिलों में आज़ादी है लबों पे आज़ादी है
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