देखकर तेरी शोख अदा दिल मचलने लगा है
तेरी आँखों के स्याही में दिल पिघलने लगा है
तेरी आँखों के स्याही में दिल पिघलने लगा है
तेरी बोली के संगत में कोयल कुहूकने लगा है
देखकर तुझे अब गुलों का रंग बदलने लगा है
तेरे आने की ख़बर सुन भंवरे बहकने लगा है
तेरे चन्दन सा बदन से फजाएँ महकने लगा है
काली घटा की रंगत जुल्फों में निखरने लगा है
ज़ुल्फों का तेवर ये देख सावन पसीजने लगा है
उमंग भरे दिल के परिन्दें अब चहकने लगा है
तेरे ईश्क में रोम रोम से तराने निकलने लगा है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें