चाँद को धरती पर उतरूं मां सुन लो ना सुन लो ना
मैं तेरा एक आशिक हूँ मां सुन लो ना सुन लो ना ।
तेरे सीने में तिंरगा लहराने के खातिर ये नील गगन
जीवन अर्पण कर सकता हूँ मां सुन लो न सुन लो ना।
केशरिया ज्वाला जग में बिखेरने के खातिर ये दहन
खुद हवन कर सकता हूँ माँ सुन लो न सुन लो ना।
सादगी में सराबोर करने के खातिर ये वतन
दो जहाँ लूटा सकता हूँ माँ सुन लो न सुन लो ना।
हरियाली और खुशहाली फैलाने की खातिर ये चमन
रक्त से दामन भर सकता हूं मां सुन लो ना सुन लो ना ।
शांति और समृद्धि फैलाने की खातिर ये क़फ़न
तीन रंगों में समा सकता हूँ माँ सुन लो न सुन लो ना ।
सुरभित तेरे कण कण को करने के खातिर ये पवन
सुबासित कर सकता हूँ मन माँ सुन लो ना सुन लो ना ।