तेरी इन निग़ाहों में मंजिल रख गए
तेरी सांसों में हम जां दिल रख गए
तेरी सांसों में हम जां दिल रख गए
सुर्ख़ लबों को चुमने की बेताबी में
रुख पर आशना के तिल रख गए
स्याह घनेरे गेसुओं की जंजीरों में
काली घटा ने अपने ज़िल रख गए
हुए दीवाने कितने तेरी सोहबत में
शायर भी अपनी शेरदिल रख गए
हुए हैं अपने सितारों का चलन एक
नैनों में हसरतें झिलमिल रख गए