बिगूल बज चूका है जश्न है इंतिखाब का
तय अब हो गया है मसला इंतिसाब का
तय अब हो गया है मसला इंतिसाब का
रोज नहीं आता है मौका है बासवाब का
राय तो बता दो वक़्त नहीं इज्तिनाब का
कुछ तो हैं कमजर्फ इस चुनावी दौड़ में
समझकर मत दें समय है इक्तिसाब का
चले हैं जीतने को वो कोरे वादों के सहारे
नेकी के लिए चुने नायब ख्वाबख्वाब का
न राजा न रंक हमसब हैं नायाब इंसान
चुपके से जता दें बारी है इन्किलाब का
[बिगूल- Bugle इंतिखाब- Election, इंतिसाब- Fixing, बासवाब- Proper,
इज्तिनाब-Abstain or avoiding, कमजर्फ-Silly
इक्तिसाब-Attainment/self gain, नायब- Repersentative,
कोरे- Plain, ख्वाबख्वाब- Dream]