जश्न मनाने की ख्वाहिश हिन्द
भूला ना पाया
मेरे दोस्त तुम्हारी कोशिशें
हमें हिला ना पाया
तुम उम्मीदों के दिए जलाने
के लिए बेताब
हम तेरे उम्मीदों के तेल
से तुझे जला दिया
तक़सीम की राह चले
तुम दिलों में भरे तेज़ाब
जो डंक तुमने सहेजे थे उसी
ने तुझे रुला दिया
खेल तुमने खेला सालों से मन में लिए दुहराब
तेरे मकसद को आज ग्यारह
ने दहला दिया
तमन्ना है इस तिरंगे की सब हो कामयाब
जिसे वक़्त ने नायाब तिरंगा में नहला दिया

