मंगलवार, 16 जनवरी 2018

नए साल में

आरजू है खुदा जीवन में आये बहार नए साल में
नशेमन में हो दौलत और शिफा इस नए साल में।
मिन्नत है ये मालिक से सबके हो सपने साकार
दिलों में शहनाई और लवों में तराना नए साल में।

बेशकीमती मीना  जवाहिरात से सजे बाजार 
हिन्द में मुफलिसी का अब अंत हो नए साल में।

आंखों में हो नूर और सुर्ख हो सबों के रुखसार
मुल्क में मुक्कमल रहे इंसानियत नए साल में। 

इल्तिजा है रब दशहतगर्दी का बन्द हो कारोबार
अमन का ये मशाल बुलंद हो इस नए साल में।


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