बुधवार, 23 सितंबर 2020

तिरंगा की शान

ये अमन का कारवां यूँ ही जवान रखिये
हिन्द का नाम आलम में रौशन रखिये।

एशिया,रूस और यूरोप में यूं ही गुजरिए।
दिलों में नमी और होठों पे मुस्कान रखिये।

कायम करें सरहदों के पार भी ताल्लुकात  
जमीन पर कदम आसमानी अरमान रखिये।

फैलाये दोस्ती का पैगाम हर राहें फिजां में 
मशरिक से मगरिब तलक निशान रखिये ।

कुछ छोड़ दीजिये अपने कदमों के निशाँ 
हिन्द के फ़रिश्ते हैं तिरंगा की शान रखिये।

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